गुब्बारा

विवेक मिश्र

गुब्बारा
(73)
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Abha Raizada
मौत के करीब जाते हुए इन्सां क्या अनुभव करता है और उससे जुड़े हुए लोग क्या अनुभव करते हैं इसका सटीक वर्णन किया गया है.... लेखक ने कुछ अपनों की yaad दिला दी.... धन्यवाद
Anjali Gokhale
A feeling of loneliness .nice story
प्रदीप दरक
सजीव चित्रण
सिद्धार्थ अरोड़ा
लेखन शैली कमाल। कहानी की गति, उम्दा। वर्तनी की गलतियां न के बराबर (सिर्फ एक, जिससे की जगह जिसस) भाषा शैली आसानी से समझ आने वाली और उपयोगी। अंत निराशावादी होते हुए भी संतुष्टिपूर्ण। इसमें चार या पांच तारे देने का ही चुनाव है वर्ना मैं साढ़े चार तारे देता।
Shatrusudan Srivastava
behtareen kahanee
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Peetambara Malik
different and new story. refreshing
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Suhel Tomar
jhakjhor diya mujhe... ik hi pal me... saare gunaah yaad aa gye mere...
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विजेता राठौर
Speechless.....एक एक दृश्य को विस्तार दिया है..मृत्यु का रोंगटे खड़े कर देने वाला चित्रण...
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