टिटलागढ़ की एक रात

विजय कुमार सपत्ती

टिटलागढ़ की एक रात
(489)
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पढ़िए
Amita Bansal
बहुत अच्छी पर अंत मुझे सही नही लगा।
Vishal Raj
Achii story hai... Brilliant
Rishabh Gangwar
jeewan ki satyata per aadharit
Bijendra Sinha
सिहरन पैदा हो गयी...पढ़ते हुए...लाजबाब
Bhavani Thalia
mera to darr k maare moot nikal gaya
Nilam Tiwari
Bahut dar lga...sach mein
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Lavkush Mishra
थीम अच्छी है, डरावनी भी। लेकिन अन्त और अच्छा हो सकता था।
Anil Kumar
बेहतरीन रचना.
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