Zahid Ali
प्रकाशित साहित्य
39
पाठक संख्या
153,578
पसंद संख्या
0

परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

नजर हमारी नजर तुम्हारी नजर ने नजर की नजर उतारी नजर ने देखा नजर को ऐसे कभी नजर ना लगे दोस्ती को हमारी।।


Noor

198 फ़ॉलोअर्स

GUL

51 फ़ॉलोअर्स

Kiran Singh

34 फ़ॉलोअर्स

Bhavana Gupta

7 फ़ॉलोअर्स

Ravikant Gupta

0 फ़ॉलोअर्स

Poonam Gautam

0 फ़ॉलोअर्स
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.