Sushma Jain
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

एक ह्रदय की पीड़ा, प्रत्येक हृदय को सुनाना चाहती हूँ, मैं उमदा लिखूँ ये जरुरी नहीं, सिर्फ अपना दर्द गुनगुनाना चाहती हूँ।


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