Sudhir Kumar Sharma
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परिचय  

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सारांश:

नाम तो सुधीर लेकिन लेखनी बिल्कुल अधीर कविता के दर्पण में सिमटी जीवन की हर एक तस्वीर चिंतन के सागर में डूबी  और चेतना का नभ छूती छंदों की सीपी में ढलती मोती बनती मन की पीर       -सुधीर अधीर


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