Ritu asooja Rishikesh
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

“अपने लिये तो सभी जीते हैं , पर जीवन वह सफल है , जो किसी के जीने के लिये जिया जाये “ मनुष्य मन में भावनाओं का समुन्दर है उस समुन्दर में विचारों रूपी लहरों का तूफ़ान का आना जाना लगा रहता हैं , उन विचारों के तूफ़ान को सही दिशा देकर समाज के सामने कुछ प्रेरक मनोरंजक पेश कर सकूँ , बस यही उद्देश्य है मेरा ......


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