Rajendra Kumar Shastri 'Guru'
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

राजेन्द्र कुमार शास्त्री "गुरु" (कृपया गुरु के आगे जी न लगाएं।☺️ ) जन्म दिनांक - 21 फरवरी 1994 पिता का नाम- श्री सोहन लाल माता का नाम - श्रीमती मैंना देवी आदर्श - स्व. श्रीमती शांति देवी ☺️☺️(मेरी मामी माँ) धर्म - भारतीय पता- भटके हुए परिंदों का कोई घर नहीं होता। आपके यहाँ रेंट पर घर है तो दे दीजिए☺️☺️ लेकिन मैं किराया वक्त पर नहीं देता। ☺️ रूचि- लोगो को हँसाना, लिखना, पढ़ना, अरिजीत सिंह के गाने सुनना, महेंद्र सिंह धोनी के छक्के देखना, क्रिकेट खेलना आदि। बाकी की कभी याद आई तो बोल दूंगा। मेरी ख़ुशी का राज़- मेरी बहन आरती सिंह "पाखी" है। मेरी दो सगी बहन भी है और मुहँ बोली भी हैं । लेकिन आरती का कोई जवाब नहीं है। मैं उसे दुखी नहीं देख सकता कभी भी। सच कहूँ तो जिसके पास आरती जैसी मजाकिया बहन है वो कभी दुखी रह भी नहीं सकता। प्रकाशित रचनाएं - अहा! जिंदगी (दैनिक भास्कर) कथाबिम्ब,( गुड मॉर्निंग सर) परिवार पत्रिका, साहित्य कुञ्ज, साहित्य सुधा, हिन्दी कुञ्ज व अन्य वेब पत्रिकाओं में रचनाएं समय-समय पर प्रकाशित होती रहती हैं। वर्ष 2016 में एक कहानियों की पुस्तक स्व-आँकलन का प्रकाशन हो चुका है। वर्तमान में स्क्रिप्ट राइटिंग का काम कर रहा हूँ। इसके अतिरिक्त तीन उपन्यास भी प्रकाशनाधीन हैं। प्रकाशनाधींन रचनाएं - हंस व कथाबिम्ब पत्रिका व अन्य वेब पत्रिकाओं में रचनाएं प्रकाशनाधीन है। आप मेरी कहानियां जैसे (गौरेया रानी, छः फीट की दीवार और गुमशुदा) को कुकु fm रेडियो पर सुन भी सकते हैं। मेरी कहानियां आपको अन्य प्लेटफार्म पर (lekhners. com) पर भी मिल जाएगी। वक्त मिले तो आप वहां पर भी पढ़ सकते हैं। आप सभी मेरे fb ग्रुप (माहफिल-ए-शाम विथ गुरु) को भी ज्वाइन कर सकते हैं जहाँ आपको अनैक लेखक मिलेंगे और वहां से आप बहुत सी शायरियों को पढ़ सकते हैं। आप प्रतीलिपि पर हर बुधवार और शनिवार को शाम (6 से 11 बजे) तक मेरे साथ #महफ़िल-ए-शाम (#MAS) से भी जुड़ सकते हैं जहाँ आप बहुत से लेखको की शायरियों का जवाब महफ़िल की तरह दे सकते हैं। 👉 13 मार्च 2019 को प्रतिलिपि पर प्रदार्पण किया। नोट- आप मेरी रचनाओं की ईमानदारी से समीक्षा करें। अगर आपको मेरी रचनाएं जरा सी भी पसंद न आएं तो आप मुझे 1 स्टार देकर भी समीक्षा कर सकते हैं। आपकी समीक्षाओं का स्वागत है। मेरे साहित्य को समझने के लिए दिल के साथ दिमाग की भी आवश्यकता है तो अगर किसी भी कहानी में किसी भी तरह का कोई संदेह है तो आप बेजिझक मुझसे पूछसकते हैं। इसका उदाहरण है मेरी कहानी ( गुमशुदा) तो आप इस कहानी के सम्बन्ध में कुछ भी पूछ सकते हैं। मैं आपको मेरी हर रचना से संतुष्ट करूँगा ये मेरा वादा है। मेरी रचना में लॉजिक जरूर होगा। अतः हर रचना को ध्यान से पढ़ें। आप मेरी रचनाएं मेरे ब्लॉग पर भी पढ सकते हैं - writerrajendrakumarguru.blogspot.com मेरे ब्लॉग का एड्र्स है। फेसबुक पर आप मेरे पेज को फॉलो करें- Rajendra Kumar Shastri guru.. आप मुझे इसी नाम से twitter, इंस्टा पर भी फॉलो कर सकते हैं। इस बकवास सी कहानी को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद। लेकिन अगर अब भी आप गुरूजी बोलेंगे तो फिर मैं गुरूजी नाम बोलने पर भारत सरकार से टैक्स चालू करवा सकता हूँ। ☺️☺️😛😛 धन्यवाद!!☺️☺️ सपनो के पीछे दौड़ लगाता हुआ आपका अपना गुरु


विक्रांत कुमार

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