Peehu Srivastava
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

तू छोड़ दे कोशिशें इंसानो को समझने की..यहां जरूरत के हिसाब से बदलते सब नकाब हैं...डाल कर सौ परदे अपने गुनाहो पर...हर शख्स कहता है"जमाना बड़ा खराब है"


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