Meera Sajwan
प्रकाशित साहित्य
50
पाठक संख्या
6,393
पसंद संख्या
0

परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

मैं कोई लेखक नहीं हूँ मैं तो भावों को जीती हूँ।और जो भाव मन को छूले उसे कागज पर उकेर देती हूँँ। शब्द मेरे ख्वाब हैं जो तितलियों की भाँति मेरे चारों ओर हमेशा मंड़राते रहते हैं ।जब-जब मन प्रफुल्लित या उद्वेलित होता है तो कलम चल पड़ती है ।हाथ बढ़ाकर अक्षरो को बटोर शब्दों का गुलदस्ता बनाकर कागज रूपी गुलिस्तां में सजा देती हूँ।


नीरा

14,078 फ़ॉलोअर्स

Arshan Khan "Arshan writes"

621 फ़ॉलोअर्स

Dr Sk Saxena

3,929 फ़ॉलोअर्स

Santosh Unde

237 फ़ॉलोअर्स

तरुणा डहरवाल

1,225 फ़ॉलोअर्स

ऋषिनाथ झा

342 फ़ॉलोअर्स
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.