Manish
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

कुछ अलफ़ाज़ जो अनछूए थे, बस दिलों की महफिलों मे थे| वो अब सदर्श से उलझे पलों और शब्दो के सीधे तरानों मे हैं |


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