Mahendra Bahubali
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

मोहब्बत का घना बादल बना देता तो अच्छा था, मुझे तेरी आँख का काजल बना देता तो अच्छा था, तुझे पाने की ख्वाइश अब जीने नहीं देती, खुदा तू मुझे पागल बना देता तो अच्छा था। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹


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