BEPARWAH
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

लोग अक्सर इन्ही सवालों से घिरे रहते हैं कि आगे क्या होगा? कैसे होगा? वगैरा-वगैरा पर साली जिंदगी कहां हर जवाब तुरंत देती है‌। इसलिए बेहतर यही होता है कि इस बेचैनी छोड़ दी जाए और चैन के साथ एक अनजान रास्ते पर चला जाए क्योंकि हर अनजान रास्ते पर ही‌।‌‌ हमारी अगली खुशी इंतजार कर रही होती है। बस जरूरत होती है तो उस अनजान रास्ते पर बेपरवाह होकर चलने की।


नवनीत

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