Anand Parkash Aggarwal
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हम माफ़ी चाहते है, इस रचनाकार के अकाउंट में अभी तक कोई प्रकाशन कार्य नहीं हुआ है |
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

हम एक मध्यम परिवार से आते हैं। परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। पत्नी को गुजरे हुए 13 साल हो गये हैं। बेटी की शादी 11साल पहले कर दी थी। और बेटा अपनी माँ जैसी मोसी के साथ रहता है। बेटा एक प्राइवेट सर्विस करता है। हम भी परचून दुकान करते हैं। जीवन में बहुत उताव चड़ाव आते हैं। किंतु उन सब से घबराना नहीं चाहिए बल्कि एक नई चुनौति समझ कर एक नई राह निकल कर पूरे जोश और होश के साथ चुनौतियों का सामना करना चाहिए। जीवन में कोई साथ दे या न दे कभी मलाल (बुरा) न माने। क्योंकि एक समय ही है जो हमारा सच्चा मित्र बनकर साथ देता है। अपने कंधें मजबूत है तो फिर शायद किसी की ज्यादा जरूरत नहीं होती है। एक शालिनता से भरा हुआ व्यवहार जीवन जीने में बहुत ही मददगार सिद्ध होता है। कोशिश करनी चाहिए कि हमारी वजह से घर हो या बाहर किसी को एंव कोई भी हो परेशानी नहीं होनी चाहिए। बेशक खुद पर कितनी भी बड़ी परेशानी आये पर हंसते हुए आगे बढ़ते हुए राह बनाने की कोशिश करें। आत्मनिर्भर बनना चाहिए न कि किसी पर बोझ बनकर नहीं। निस्वार्थ भावना से अगर किसी की भी सहायता करेंगे तो ईश्वर जरूर हमारी मुसीबत में सहायता करेंगे।


Radha Yshi

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Anuradha Chauhan

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Akash Tiwari

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