alka
प्रकाशित साहित्य
6
पाठक संख्या
19
पसंद संख्या
0

परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

रात लम्बी है तो है, बर्फबारी है तो है; मौसमों के दरमियां एक जंग जारी है तो है, मूर्ति सोने की निरर्थक वस्तु है उसके लिए काँच की गुङिया अगर बच्चे को प्यारी है तो है। ............................साभार


Akash Jagtap

101 फ़ॉलोअर्स

मनीष झा "मल्हार"

281 फ़ॉलोअर्स

Akash Jagtap

101 फ़ॉलोअर्स

मनीष झा "मल्हार"

281 फ़ॉलोअर्स
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.