Abadhesh Mathur
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परिचय  

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सारांश:

"सूखे हुए दरख़्तों पर परिन्दे अपना आशियाँ नहीं बनाते महफ़िलों में अब हम अपना हाल ए दिल नहीं सुनाते"....abm


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