MUNNA "Banarasi"
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

हर वक्त, हर सुबह, हर शाम, ढूंढ रहा हूं मिले तो किसी मुकाम पे ऐसा मुकाम ढूंढ रहा हूं सालों पहले देखा था जिस चेहरे की झलक भीड़ में वही चेहरा मैं आज भी गुमनाम ढूंढ रहा हूं ।। ✍️-MUNNA"Banarasi"


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