शुभम सिंह
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

❇️ प्रथम और अंतिम इक्षा,,, ख़ुशी को पाना,,, ख़ुशी में जीना,,, ख़ुशी में व्याप्त हो जाना ❇️ दोस्तों कोई इंसान अच्छा या बुरा नही होता दर्शल वो खुद में पूरा ही नहीं होता ,,,,, 😊 इसलिए जिससे भी मिले दिल खोल कर हर संभव मदत करो ,,,, ☺️ खैर जिंदगी के बड़े-बड़े डींगें हाँकना मै वाजिब नहीं समझता विश्वाश कर्म पे है कम बोलना कर्म करते रहना ,,, इसी धारणा पे चलना मुझे पसन्द है ,,,, 🙏 एक बात और ,,,,, आप सभी के पास एक ऐसी चीज है जिसे आप पूरी दुनिया में बाँट सकते हो ,,,, वो है ...... प्यार ❣️ जन्म ५ नवम्बर १९९८ में """उत्तर-प्रदेश गोरखपुर""" के छोटे से अस्पताल में हुआ उस समय ठंड कड़क थी ,, और दिवाली सर पे थी ,,, बचने का नामोनिशां न था हमारा ,,, पर आज आप सभी के समक्ष उपस्थित हूँ ,,, 🕴️ भाग्यवान मानता हूँ ,,, 🙂 और अपनी माँ को ईश्वर ,,,, देवी का रूप मानता हूँ ,,, 🙇 ह् थोड़ा ज़िद्दी हूँ ,,,, पर माँ की कोई बात कभी नही टालता हूँ ,,, 😃 स्वभाव बदल गए है अब झगड़ालू से इंसान बन गया हूँ ,,, 😆😆 मुझे ज्यादे समझने के फेर में मत पड़ना तुम जिस नज़र से देखोगें ,,, वही पाओगें ,,,, 🙂 8 जनवरी 2019 से प्रतिलिपि का प्यार मिल रहा ❣️🙏🙇


राजेंद्र ठाकुर

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Jyoti Mishra

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Divya Nirban

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