विवेक कृष्णन
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परिचय  

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सारांश:

जो हूँ, जैसा भी हूँ, एक खुली किताब की तरह हूँ, ईश्वर ने मेरी कहानी लिख दी,अब इसे पढ़ता हुँ और समझने की कोशिश करता हूँ कि...आखिर मैं कौन हूँ!!!


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