रीतू गुलाटी "ऋतु"
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परिचय  

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सारांश:

मन में उठने वाली पीड़ा कब कहानी बनकर बाहर आ जाती है।समाज में घटित घटनाएं मन को अवसाद देती है।समाज के लिये उपयोगी व ज्ञानवधक लिखना सूकुन देता है।अपने मन से निकले भाव कविता का रुप ले लेते हैं।अच्छी कसावदार व सच्चाई से ओतप्रोत रचना लिखूं ऐसा मेरा प्रयास है।


खेमकरण 'सोमन'

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