रीता जाँगिड़
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परिचय  

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सारांश:

🔹💠🔹 "यह अरण्य झुरमुट जो काटे, अपनी राह बना ले। क्रीत दास यह नहीं किसी का , जो चाहे अपना ले।। जीवन उनका नहीं युधिष्ठिर जो इससे डरते हैं। यह उनका जो चरण रोप निर्भय होकर लड़ते हैं।।" - रामधारी सिंह 'दिनकर' 🔹💠🔹 ▪️◾निवासी - कुचेरा, नागौर (राजस्थान)◾▪️


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