रवीश कुमार
प्रकाशित साहित्य
275
पाठक संख्या
15,800
पसंद संख्या
0

परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

अच्छे हों या बुरे,ये दिन भी सदा न रहेंगे। न रहने पर भी हम,रचनाओं में सदा याद रहेंगे। *मैं 20 अप्रैल 2019 से प्रतिलिपि का आभारी हूँ कि इसने मेरी भावनाओं को एक बेहतर मंच दिया।सभी रचनाओं के सर्वाधिकार सुरक्षित हैं।मेरी अनेक रचनाएँ पूर्व में रचित हुई हैं। *अपने बारे में :- छात्र जीवन से लेखन।हास्य-व्यंग्य,लघुकथा एवं लघुकविता लेखन अधिक पसंद है।सम्प्रति बिहार राज्य के खगड़िया जिले के एक मध्य विद्यालय में शिक्षक हूँ।अनेक रचनाएं राष्ट्रधर्म,सरिता,बदलाव(साक्षरता विभाग की पत्रिका) तथा अन्य पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित।


रानी कुमारी

3 फ़ॉलोअर्स

Tanu Mishta

185 फ़ॉलोअर्स

Nebula J "Janvi"

111 फ़ॉलोअर्स

Rahul Giri

3 फ़ॉलोअर्स
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.