विश्वजीत मंडल
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

मेरा कोई खास पहचान नहीं है। सवा सौ करोड़ जनता के भीड़ में मुझे ढूंड पाना आसान नही है। क्योंकि मै कोई नेता नही हूँ, अभिनेता नही हुँ, बैरिस्टर नही हुँ, डॉक्टर नही हुँ, खिलाड़ी नही हुँ, और मै कोई शिकारी भी नही हुँ । मै सिर्फ एक आम नागरिक हुँ। दो वक्त की रोटी के लिए कुछ न कुछ कर लेता हूँ। और अवकाश मिलने से मेरे कल्पनाओं के बगीचे में जो कुछ फूल पत्ते है उससे हार बनाने की कौशिस करता हूँ। पर मैं नही जानता, इसे आप स्वीकार करेंगे या नही...!


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मोहित बैरवा

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