प्रेमलता
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परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

मन के भावों को अक्षर, शब्द ,वाक्यों मे आकार देते हैं दिखता है जो,महसूस होता है वो, कर साकार देते हैं । कलम साथ रहेंगी तो मेरे अक्षर मेरे साथ ही रहेंगे। कभी पढ लोगे जो अक्षर आप, हम शुक्रगुज़ार रहेंगे । आपकी थोडी़ सी तवज्जो और समय के हकदार रहेंगे।


मनीश शर्मा

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