प्रदीप तिवारी
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परिचय  

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सारांश:

"जगे हैं जेहन में जो ज़ज्बात बनकर, कभी तो उनसे भी मुलाकात होगी"... अंतस् में बहती भावों की नदी गहरी है.. खुद को जलाकर लोगों को रोशनी देना।जीवन के प्रति आशान्वित ।अनुभूत अनुभवों को सहज अभिव्यक्त कर देना।चाहे जैसी भी परिस्थिति हो हर हाल में मुस्कुराते हुए सामना करना।हर अच्छी बात का सहर्ष स्वागत करना ।हर कोई कुछ न कुछ अवश्य जानता है ,उससे उसकी अच्छी बातें ग्रहण कर लेना।हर चेहरे के पीछे छिपे दर्द को जानने और उन चेहरों पर खुशी लाने का प्रयास करना आदत में शुमार है। दोस्तों के बगैर ज़िंदगी कुछ अधूरी सी लगती है, ईश्वर का धन्यवाद है कि कुछ सच्चे और अच्छे मित्र मेरी ज़िंदगी में हैं।माता-पिता और गुरुजनों का आशीष सदैव बना रहे इसी सदिच्छा के साथ आभार सहित आप सभी का.. प्रदीप तिवारी शिक्षा --: एम.ए.(हिन्दी)--इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद बी.एड्. सम्प्रति--:शिक्षा निदेशालय ( रा.रा.क्षे.)दिल्ली सरकार के अधिनस्थ अध्यापन कार्य।


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