देवेन्द्र प्रसाद
प्रकाशित साहित्य
67
पाठक संख्या
290,703
पसंद संख्या
0

परिचय  

प्रतिलिपि के साथ:    

सारांश:

बिना किताबों के कमरा बिना आत्मा के शरीर के समान है. आपके विचार आपके जीवन का निर्माण करते हैं। यहाँ संग्रह किये गए मेरे लेखन के अनुभव और मेरे अन्तर्मन के विचारों के हज़ारों कथन आपके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. मैं सच कहूँगा मगर फिर भी हार जाऊँगा, वो झूठ बोलेगा और लाज़वाब कर देगा … ☎️ 9759710666


Aarohi nagar

1,359 फ़ॉलोअर्स

कुलदीप सिंह हुडडा

3,196 फ़ॉलोअर्स

pragati Gupta

546 फ़ॉलोअर्स

Jyoti

1 फ़ॉलोअर्स

Priyam Jha

0 फ़ॉलोअर्स

Bharti Sharma

0 फ़ॉलोअर्स
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.