I.A.S. अफसर बनने का सफर

रितेश कुमार सक्सेना

I.A.S. अफसर बनने का सफर
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पाठक संख्या − 1110
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सारांश

हौसला न होता तो क्या होता?
Gotu
भाई जी में भी आईएएस अधिकारी की तैयारी कर रहा हूं में अभी 12th क्लास में हूं और मेरे मामोजी मुझे तेयारी करवा रहे हैं
Dharmendra Rojh
रोहित ने हार नहीं मानी बल्कि उसने ठान लिया था कि मुझे आईएएस बनना है तो उसने ट्यूशन में पढ़ा या होटल में काम भी किया लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और वह 1 दिन आईएस बन गया और और जो लोग हंस रहे थे उन लोगों को जवाब भी दे पाया हमारे काम समाज में हमारी सोच को दबाया जाता है कभी भी हमको बड़ा सोचने नहीं दिया जाता क्योंकि हमारे समाज पर आरके उनके पूर्वजों ने भी उनको कभी बड़ा सोचने नहीं नहीं दिया जिसके कान हमारी सोच वहां तक ही सीमित हो गई है मैं रोहित की हिम्मत को सलाम करता हूं
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अनुश्री त्रिपाठी मिश्रा
प्रेरणादायक कहानी
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Sadaf Sania
बहुत अच्छी और प्रेरणा देने वाली कहानी है बहुत बढ़िया लिखा है आपने
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अनिता तोमर
बहुत बढ़िया...👌👌👌
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