17 रानडे रोड‌

रवींद्र कालिया

17 रानडे रोड‌
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ajay
पहली बार मैंने बिना पेज छोड़े पढ़ा।पर आपके नाम के आगे यह नॉवल अधूरा और बेमन से लिखा लगता है
Ashok Gupta
जिंदगी के सभी मौसम को अपनाती ,बलखाती कहानी!!! अद्वितीय
Navin Kandpal
बहुत सुन्दर ।
Umesh Yadav
दिल खुश हो गया ऐसा लगा जैसे कोई गद्यसंकलन पढ रहा हू कोई साहित्य धन्यवाद सर ऐसा लेख पढ कर मन प्रसंन्न हुआ
haider tanveer
uunt adhura h shuru se behtreen or dilchsp tha mgr uunt itna bhav heen
वीरेन्द्र कुमार
बाहत उम्दा आज काफी दिनों के बाद आप के इस उपन्यास को तल्लीनता से पढ़ा
Soma Muskan Sing
मजेदार था लेकिन अंत अधूरा लगा जैसे बहोत उतावलापन से खत्म करना था ।
Priyanka DS
Loved it. It is written in a way that you can visualize each and every scene.
rahul raj sahu
great novel.... bhot accha laga
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