• चौराहों पर ख़ौफ़ खड़ा है

विनोद कुमार दवे

•	चौराहों पर ख़ौफ़ खड़ा है
(81)
पाठक संख्या − 3185
पढ़िए
Asha Shukla
wonderful and very beautiful poem with truthfulness. please read my story ,,,unhen yad hai,,
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SHAILENDRA DUBEY
लाज़वाब रचना!!!👌👌👌
amit
very nice
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seema pal
wah bahut acha likha
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बलकार सिंह गोराया
वाह कहूँ या आह कहूँ ? आपकी कलम को सलाम।
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Avtar Singh
शानदार 💐💐
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Durgeshwari Sharma
शानदार
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Chitraa Dhruw
bahut badhiya
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Pramod
fantastic... ye hui na kuchh sochne layak baat mere mn ki bat
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