‘प’ से पापा

उद्भ्रांत

‘प’ से पापा
(15)
पाठक संख्या − 10284
पढ़िए

सारांश

ये जो पिंजड़े में लटका हुआ दिन भर ‘राम कहो, राम कहो’ रटता रहता है न? आंटी की नाक बिलकुल इसी सुग्गे की नाक जैसी है। लंबी.लबी, नुकीली.नुकीली। पप्पू जाने कैसी गोलियों से खेला करता है-गोल.गोल, ...
गरिमा बरनवाल
अति उत्तम,क्या कमाल की लेखनी है आपकी
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.