ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा ।

दिग्विजय मौर्य

ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा ।
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सारांश

ये ज़िन्दगी सिर्फ चार दिनों की है और इसे भी हम कल के लिए आज न जिये तो ये जीवन बेकार है ।
nirmaljit
सही विचार ...
Alka Naaz
बढ़िया बात।समय लौटकर नही आता
seema pal
wah right and superb
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Pawan Pandey
हम सभी अनुपस्थित बुद्धि के शिकार हैं. हर खुशी को महसूस नहीं कर पाते. हमें हर समय का आनंद उठाना चाहिए. कहानी बहुत ही अच्छी है.
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