ज़िंदगी दोबारा

संदेश नायक

ज़िंदगी दोबारा
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सारांश

अरविंद और उमंग बड़े गहरे मित्र थे| नासमझी की उम्र में स्कूल के दिनों से शुरू हुई इनकी मित्रता, अब जवानी के साये में एक अटूट बंधन में तब्दील हो चुकी थी| स्वार्थ की गंध इस रिश्ते को छू भी नहीं गई थी| ...
lata Bhardwaj
bhut achi kahani or prernadayaakbhi ..
Dhirendra Kumar
समीक्षा के लिए शब्द नही है।
Dharmendra Tater
अतिउत्तम. गहरा संदेश देने वाली. प्रेरणास्पद.
Beena Awasthi
संदेश जी इस कहानी के लिये आपकी तारीफ करना आसान नहीं है। कहानी के माध्यम से आपने स्पष्ट किया है हमारी थोड़ी सी दया और मदद किसी की जिन्दगी तो बदलती ही है साथ ही कभी कभी व्यक्ति को बहुत बड़े परिवर्तन का सूत्रधार भी बना देती है। आपकी लेखनी के लिये शुभेच्छा सहित👌👌👌👌
Rumani Bhatia
great writing skills...
Sangita Ajmera
bahut khoobsurat jitna kha jaye kum h
Rajendra Bisht
प्रतिलीपि पर प्रायः एक वर्ष से कथालोक में विचरण करता रहा हूँ। सच कहूँ तो अब तक मेरे द्वारा पढ़ी गई कहानियों में से निःसंदेह यह सर्वाधिक उद्देश्यपूर्ण व मार्गदर्शी कहानी है।परंतु कहानी का अपना उद्देश्य तभी पूर्ण होगा जब हम पाठकों में से कुछ ही सही, आपके रचे पात्रों का अनुसरण करें।सुंदर रचना हेतु धन्यवाद।
Ruchi Tyagi
sundr kahani👌pr is tarah ki baato ka aaj k samaj m hona bhi jaroori h kyoki jeevan ki is daud m kisi insaan k pass itna time hi nhi h ki kisi ka dukh baatna to dur dekhne tk ka samay nhi h....
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