हौसला

Kavi Kaushik

हौसला
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सारांश

राहे अपनी हो अगर,मंजिलें भी अपनी होगी, मुसाफिर रख हौसला निश्चित विजय होगी। भरा पड़ा इतिहास हैं महान् धुरंधरों से, क्यूं मात खाये तू भला तुच्छ लंगूरों से। क़दम दर क़दम उठाते चला चल, दम बाजुओं में हो ...
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