हैवानियत

सुरेखा शर्मा

हैवानियत
(30)
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सारांश

कुछ दिनों से मंगल का मन दुखी-सा था।शाम होते ही शराब की बोतल खोल ली थी।साथ ही साथ अपनी किस्मत को भी कोसे जा रहा था।शराब की घूंट भरते-भरते उसकी नजर सामने चल रहे टी. वी.के समाचारों पर पड़ी तो एम दम खुशी ...
Devendra Dev
कहानी सच का आईना है 👍👍👍
Chhaya Srivastava
कुटिल सत्य
Nikita Sahu
Nice story
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Divya Gupta
Awsm
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