हैवानियत

सुरेखा शर्मा

हैवानियत
(35)
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सारांश

कुछ दिनों से मंगल का मन दुखी-सा था।शाम होते ही शराब की बोतल खोल ली थी।साथ ही साथ अपनी किस्मत को भी कोसे जा रहा था।शराब की घूंट भरते-भरते उसकी नजर सामने चल रहे टी. वी.के समाचारों पर पड़ी तो एम दम खुशी ...
Ishan Malik
bakwas hai.....aisi Karni ka fal sirf kahani me hi mil skta h..real me to ulta hota hai...kahani yatharth se bht dur hai.....koi patni bi itni bewkuf nhi h jo pati ke jail jane ko business ya office tour maan le......kori bakwas
Abhay pratap
अतिक्रूर और रोंगटे खड़े कर देने वाली कथा । इसे पढ़कर जितना भय हुआ उतना ही दुख भी और एक सवाल अंदर तक चीरते हुए चला गया कि क्या यही हमारे देश और समाज की सच्चाई है?
Devendra Dev
कहानी सच का आईना है 👍👍👍
Chhaya Srivastava
कुटिल सत्य
Nikita Sahu
Nice story
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Divya Gupta
Awsm
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