हिन्दी भाषा व हमारी मानसिकता

ओमप्रकाश शर्मा

हिन्दी भाषा व हमारी मानसिकता
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पाठक संख्या − 1337
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Amit Kumar
bhut hi mahtvapurn aalekh. hindi bhasha k vikas k lie. or hindi bhasha k mankikarn ke traf dhyan dilane k lie.or apne bhut hi sahi kha agar hamri bhasa sahi rahegi tvi ham apne sanskriti ko sabke rakhne me kaamyab ho payege.bhut bhut dhanyabaad
Shyam Tiwari
आपकी चिन्ता जायज है और में इस बात से पूरी तरह सहमत हूँ कि हमे अपनी भाषा के लिए काफी काम करने की जरूरत है आपका लेख पढ़ कर अच्छा लगा
आरती अयाचित
हिन्दी भाषा के प्रति समर्पित बहुत ही सराहनीय कदम लेख के माध्यम से
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मनोज खैरनार
अच्छा लेख
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Swaroop Singh Purohit
अप्रतिम लेख
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मनदीप सिंह
श्रीमान जी आपका लेख उत्कृष्ट ही नहीं बल्कि अतुलनीय भी है।
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आर्य नितेश लववंशी
मेरे देश के बसईया हिंदी को अपनाओ रे। सुंदर लेख
sangeeta yadav
विचारणीय योग्य है
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