हाल-ए-दिल उनको सुनना था...

मिर्ज़ा हफीज बेग

हाल-ए-दिल उनको सुनना था...
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सारांश

अचानक नचिकेत को अहसास हुआ कि, सिगरेट उसके होठों से खींच ली गई है। उसने देखा वह अपने दो मूंगे जैसे होठों के बीच दबी सिगरेट को उसकी सिगरेट से जला रही है। सिगरेटों की किस …। एक पागल सा खयाल उसके ज़हन मे उठा और वह झेंप गया। अपनी सिगरेट जलाकर उसने उसकी सिगरेट वापस उसके कुछ कुछ खुले से होठों के बीच फ़सा दी, और बड़ी अदा से या शायद मेहरबानी से एक मुस्कान उसकी ओर फ़ेंक दी।
प्रमोद
बहुत ही लाजवाब है श्रीमान इसके अगले भाग का लेखन भी जारी है क्या?
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Dr. Santosh Chahar
कटु सत्य का दर्पण... मीडिया.. पैसा.. ग्लैमर...सरकार आदि आदि। बहुत खूब लिखा है।
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