हाल-ए-दिल उनको सुनना था... (पहला भाग)

मिर्ज़ा हफीज बेग

हाल-ए-दिल उनको सुनना था... (पहला भाग)
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सारांश

“लेकिन आपको तो कोई गोली नहीं लगी है।” इंस्पेक्टर ने कहा तब नचिकेत ने अपने शरीर के ज़ख्मो का दिल ही दिल में मुआयना किया। सच में उसे गोली तो नहीं लगी है। उसने डॉक्टर की ओर अपने समर्थन की उम्मीद से देखा। ...
मनीषा सहाय
सुंदर व आकर्षक शुरूआत.... वर्णात्मक लेखनी
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प्रमोद
बहुत ही लाजवाब है श्रीमान इसके अगले भाग का लेखन भी जारी है क्या?
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Dr. Santosh Chahar
कटु सत्य का दर्पण... मीडिया.. पैसा.. ग्लैमर...सरकार आदि आदि। बहुत खूब लिखा है।
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