हाँ वो मेरी थी...बस मेरी

M. Mahira

हाँ वो मेरी थी...बस मेरी
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सारांश

आज भी याद आता है वो मंजर .... शाम का ही वक़्त था उसने मिलने की इच्छा जाहिर की। मै थोड़ी फुर्सत निकालकर उससे मिलने गया ।वैसे भी मैने कभी उसकी बातों को टाला कहाँ था ।हाँ कुछ मजबूरियाँ थी जो मै उसे अपनी ...
Taral Vaidya
क्या एहसास था, क्या जज़्बात थे 👌
jitendr tiwari
बहुत शानदार रचना मन पर एक अमित छाप छोड़ने वाली।ऐसे ही लिखती रहें।
Alka Saxena
really pyar hota hi hai aisa
Ankur Pandey
aansu aa Gye ankhon me yaar bhot achhi story hai
Andy Shandilya
Heart touching.........😥😥
Hemendra Kaushik
🕉 🌹 ठीक हैं. अंत ठीक से नहीं किया गया
Arvind Jaiswal
ખુબ કરુણ અંજામ પર હીરો ઇચ્છતો તો તેને આપઘાત થી બચાવી શકતો હતો
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