हाँ वो मेरी थी...बस मेरी

M. Mahira

हाँ वो मेरी थी...बस मेरी
(191)
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सारांश

आज भी याद आता है वो मंजर .... शाम का ही वक़्त था उसने मिलने की इच्छा जाहिर की। मै थोड़ी फुर्सत निकालकर उससे मिलने गया ।वैसे भी मैने कभी उसकी बातों को टाला कहाँ था ।हाँ कुछ मजबूरियाँ थी जो मै उसे अपनी ...
Neha Sharma
Very heart touching and poignant
pradeep srivastava
Lovely Heart touching story
Kiran Mishra
कहानी अच्छी है पर प्यार का अंजाम हमेशा दर्द ही क्यों देता है
Shivi Sharma
Heart touching story
Mahika Mahi
इस कहानी को पढ़कर ना चाहते हुए हुए भी मुझे मेरे अतीत में जाना पड़ा जिन बातों को शायद मैं भूल चुकी थी पर वह मेरे जहन में कहीं तो जरूर था पर इस कहानी ने मुझे उस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया जहां से मैंने अपनी जिंदगी को खत्म कर दिया था इस कहानी ने तो मुझे मजबूर कर दिया मेरे अतीत में जाने के लिए आज वह जख्म फिर से हरे हो गए जो बरसों सूख रहे थे शायद 😭😭😭😭
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Raka Sinha
Heart touching story. Masoom pyar ..beentaha mohbat but ant bahut dukhad. Ant esse behter ho sakta.
Kishan Kumar
Heart touching story
Vimalkumar Jain
very beautiful very good
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