हाँ तुम बिल्कुल वैसी हो...

मनीषा दुबे

हाँ तुम बिल्कुल वैसी हो...
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सारांश

ना चाहते हुए भी वो अपना हो ही जाता है।
Rukmani Thapliyal
बहुत सुंदर रचना
Mohit Shiro Dahiya
एक कहानी को जैसा होना चाहिए आपकी कहानी में वह सब कुछ है ।। प्यार, सच्चाई, त्याग, समर्पण, सहनशीलता, सामाजिक समझ सबसे अधिक महत्वपूर्ण एक सुखद अंत कुल मिलाकर अपने एक श्रेष्ठ कहानी की रचना की है शब्द ही नहीं है हमारे पास जो आपकी कहानी को शब्दों में वर्णन कर सके
Vijaya Tandan
dube mem aap ki kahani bahut achchhi lagi. man ko chhu gai mata pita bahut anubhavi hote hai. ve vartanan hi nahi bhavishy ko dhyan me rakha kar nirnay lete h
Khushbu Agrawal
Isse Achchi Kahani Maine Pahle kabhi nahi padi rule daya aapne such me very nice
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