हवेली वाली अम्माँ भाग -1

Supriya Singh

हवेली वाली अम्माँ भाग -1
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सारांश

माँ आज भी उसने मुझ पर हाथ उठाया ,मैं थक गई हूँ अब नहीं सह सकती ,मेरी हर छोटी बड़ी गल्ती पर ये पूरे परिवार के सामने बेज्जती करने लगते हैं मैं भी इंसान हूँ । मेरी कोई हैसियत ही नहीं है वो रो पड़ी बोलते- ...
पूर्णिमा देवदत्त
अति सुंदर कथा एवम् नवीन प्रस्तुतीकरण
Vandana Nigam
Bahut sunder story sabko ek seek dene wali story
Savita Gupta
sunder story...part 2 kb tk ayega
Madhuri Shukla
प्रेरणादायक , सही मायनों में ससुराल ही अपना असली घर परिवार होता है
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