हवा में फड़फड़ाती चिट्ठी

श्रद्धा थवाईत

हवा में फड़फड़ाती चिट्ठी
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पाठक संख्या − 4085
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सोमेश कुमार
one of the few best emotional story which talks a harsh reality of soldiers life and pain and suffering of their near one.awesome work!
Utkarsh Mishra
Apki us soch ko salam karta hu...
Vibha Patel
rula diya.. but really Awesome story .. 👌👌👌
Rashmi Awasthi
बेहद मार्मिक कथा
Vishal Sharma
bhut khuub achcha likha hai miss shraddha ji
Vijay Amar
सुंदर....
Vibha Sharma
कहानी आरंभ से मध्य तक पाठक की जिज्ञासा को बनाए रखती है , किन्तु कहानी के अंत में लिखी गई पंक्तियां कहानी के स्थान पर व्याख्यान सा प्रतीत होने लगता है, जो कहानी के प्रभाव को समाप्त कर देता है।पाठक असमंजस की स्थिति में कहानी की बिखरी कड़ियों को फिर से जोड़ने के लिए मजबूर हो जाता है। कहानी टी०वी०में आने वाले समाचारों के साथ ही खत्म हो जानी चाहिए थी।
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