हया

सुनील गज्जाणी

हया
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सारांश

'' दादी मुँह फुला लिया ना फिर अपना! अरे दादी, ये महानगर है महानगर यहाँ की लाइफ स्टाइल ही हाई -फाई है! डिस्को पार्टियां तो देर रात तक चलती है और मैं तो फिर भी थोड़ा जल्दी चली आयी! डीयर दादी आप को मेरे ...
Pavan Kumar Pareta
feminism we wished as manikarnika, but feminism we got like this 😁😁
Kamlesh Vajpeyi
सुन्दर रचना !
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