हमारा सच- फेसबुकीया प्यार

रुचिका मेहता

हमारा सच- फेसबुकीया प्यार
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पढ़िए
राजगोपाल सिंह वर्मा
कहानी बिल्कुल सपाट है। काफी मेहनत की जरूरत है। इस विषय पर predictable कहानी लिखना सरल है, पर जब तक ट्रीटमेंट कुछ अलग नहीं होगा, कहानी में दम नहीं आ सकता। क्या आपने ख्यात पत्रिकाओं में प्रकाशित कहानियां पढ़ी हैं, यदि नहीं तो कम से कम वनिता, फेमिना या मेरी सहेली की कहानियां पढ़ कर आइडिया ले सकती हैं कि कहां और कितनी त्रुटियां हैं। शुभकामनाएं।
RV Toonwal
where can i read the next part?
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Samaira Sheoran
part 2?
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अमित सेंगर
अंदाज़े बयां बहुत अच्छा हैं ..कहानी और दमदार जो सकती थी
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Shivam Burnwal
Nice story, please complete it as quick as you can
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