हमसफ़र

Meenakshi Gupta

हमसफ़र
(17)
पाठक संख्या − 75
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सारांश

ज़िन्दगी में जब तक है साथ आपका         हम बहुत खुश हैं डर नहीं है किसी का हमें         जब तक आप संग हैं जी लेना चाहती हुईं हर वो पल         जब आप मेरे साथ हैं टूट जाऊंगी अगर साथ ये कभी छूटा ...
Pragya Bajpai
बेहद खूबसूरत।
डॉ. प्रवीण पंकज
उत्तम कविता।
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अंशु शर्मा
बहुत खूब
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Om Shankar
बेहतर
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डॉ. ए सतीश
उम्दामैम
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अभिषेक जोशी
mene aapki paanch poem padhi ...aur ye zyada acchi lagi..kripaya likhte rhe. .
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Asha Shukla
बेहद खूबसूरत कविता है ।कोमल भावनाओं की अभिव्यक्ति बड़ी खूबसूरती से की गई है।
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