स्वाभिमान

Kavi Kaushik

स्वाभिमान
(2)
पाठक संख्या − 25
पढ़िए

सारांश

सबक शत्रुओं को सीखा जायेंगे, दूर परदेशियों को भगा आयेंगे। जो निकली चूं अगर मुख से उसके, काट जिह्वा मां भारती को चढ़ायेंगे। बेईमानों की अब एक न चलेंगे, उठा जो सर खिलाफ प्रत्येक वो कटेंगे। खादियो के ...
ईश्वर सिंह बिष्ट
सशक्त सार्थक सृजन ।
रिप्लाय
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.