स्वादण्डित श्राप

shobhana tarun saxena

स्वादण्डित श्राप
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सारांश

कभी कभी किसी प्रकार की कमी इंसान को क्रिमिनल बना देती है, किन्तु उसके अंदर का भला इंसान उसे बर्दाश्त नही कर पाता है। किसी को माफ न कर पाना , अच्छे इंसान की सबसे बड़ी कमजोरी है।
Rukmani Thapliyal
बहुत ही उत्कृष्ट कहानी,मजा आ गया👌👌
Naveen Saraswat
बहुत अच्छा लेख... हार्दिक आभार.. आपसे बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है...
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शैलेश सिंह
वाह शोभना दी ।।। 5 मिनट के कहानी में ही क्या समा बांध है आपने,, बेहतरीन लेखिका की कहानी पढ़ने का सौभाग्य मिला,,,, सबसे मजेदार बयान no 3,,अर्दली no 2,, टमाटर,, लौकी,, ,।।।। ।,,,
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Sayyeda Khatoon
अद्भुत रचना है
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Alka Nigam
आखिर तक बांधे रखने वाली उत्कृष्ठ कहानी।
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Damini
बहुत सुंदर कहानी कही आपने मजा आ गया पढ़ कर
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Rajni Gupta
👍👍👍👍👍
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Jiwan Sameer
रहस्यमय।
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P अमिताभ
वाह!बहुत सुंदर रचना शोभना जी।अद्भुत।
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