स्वर्ग की देवी

मुंशी प्रेमचंद

स्वर्ग की देवी
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सारांश

भाग्य की बात! शादी-विवाह में आदमी का क्या अख्तियार! जिससे ईश्वर ने, या उनके नायबों- ब्राह्मणों ने तय कर दी, उससे हो गयी। बाबू भारतदास ने लीला के लिए सुयोग्य वर खोजने में कोई बात उठा नहीं रखी। लेकिन ...
Mukesh Verma
लीला जैसी देवियों पर ही समाज टिका है।
saanvi Dew
mujhe puri story dikh kyu nahi rhi
अशोक कुमार खत्री
दाम्पत्य पुनर्स्थापना
Shashank Pandey
a complete true story by a great author
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