स्मृति

Vijay vashisht

स्मृति
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सारांश

बारात तोरण पर पहुँच चुकी थी,दुल्हन की बहनें इंडिया - पाकिस्तान के बॉर्डर समान रिबन से दूल्हे के लिए बॉर्डर बनाये आँगन में घर की दहलीज़ पर खड़ी हुई थीं। शादी ब्याह के शोरगुल में केवल शहनाई की आवाज़ ...
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