स्कूल की यादें

Anuj Bhandari

स्कूल की यादें
(13)
पाठक संख्या − 27
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सारांश

जिंदगी के इस मोड़ पर घर से पड़ता जोर है, स्कूल की यादों की बात ही कुछ ओर है। उन अध्यापकों की डाँट आज भी डरा देती है, पर खुदा कसम अब  उनकी याद बहुत आती है। स्कूल जेल सा प्रतित होता , अध्यापक जेलर सा ...
Urvi Dadawala
awesome
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Rajat Chouhan
बहुत सुंदर रचना 💐
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Ishwar Dutt
लाजवाब लिखा है भाई ने
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Seema Maurya
बहुत अच्छा लिखा आपने....और बेहतर लिखते रहिये, भावी रचनाओं के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
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नीरा
good
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शीत राज
Beautiful lines, expecting more such poems. For you: Sahitya ki vatika me, Anuj naya sa Chhaya hai, Vidyalay hi wo mandir tha, Jahan apane gyaan ye paaya hai.
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नीना
good job
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PRAHLAD
बहुत प्यारी रचना है ,बहुत अच्छा लिखा है आपने जो लिखा है वो सब सच है हम बादमे गुजर चुके स्कूल समय को याद करके हंसते है और अपने गुरुजनों,दोस्तो से मिलने को तरसते है
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राजेन्द्र बहादुर सिंह
वाह......सुंदर
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शशि कुशवाहा
very nice
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