सौ जन्म नर्क कुबूल है !

Om Shankar

सौ जन्म नर्क कुबूल है !
(18)
पाठक संख्या − 749
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सारांश

राजवैद्य सभी हार चुके थे । देश-विदेश के सारे हकीम असफल रहे । खबर सारी रानियों तक पहुंचाई गई । "कन्हैया को बुखार है , अब वो बचेंगे नहीं ।" नगरवासियों के तन-मन से चिंगारी फूटने लगी । वृन्दावन, ...
Avantika
amazing story
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Ruchi Gopal
वाह बहुत खूब
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Pooja Arora
aapki is rachna itni behtreen hai ki uske liye shabd nai hai mere pass👏👏👏Radha rani ke bina Sham aadhe hai 👏👏👏😢😢
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Chandan Narayan
एकदम अधूरा
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indu sharma
शाशवत प्रेम कथा राधे तेरे चरणों की गर धूल जो मिल जाये जय श्री कृष्णा
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Asha Shukla
अनन्य भक्ति ,हजार कष्टों को सहर्ष झेलती है।अत्यंत सुंदर रचना।
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अभिजीत सिंह मीनू
प्रेम और प्रभू दोनों ही की महिमा अपरंपार है।
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