सूखे पात

आकाश गौरव

सूखे पात
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सारांश

शहर छोटा हो और इश्क़ नौवीं-दसवीं में हो जाये, तो प्रेमी जोड़े पास कुछ करने का स्कोप होता नही है। लड़के का काम होता है , प्रोटेक्शन देना और लड़की का काम होता है प्रोटेक्शन लेना ।
Ruchi Gopal
bahut khoob behtreen
indu sharma
शानदार कहानी किशोर वय की प्रेम की ललक को बहुत खुबसुरती से दर्शाया है सहज सरल प्रेम
अरुण कुमार भट्ट
बहुत खूबसूरत लिखे हो आकाश जी।
शशिकांत दीक्षित
अंत की आकस्मिता अचंभित करती है ।
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